संजय सिंह को अपने गिरेबान में झाँकने की जरुरत

संजय सिंह को अपने गिरेबान में झाँकने की जरुरत

आप पार्टी के नेता और राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने कुछ ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वस्त्र पर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए कहा है कि मोदी डिज़ाइनर कुर्ते पहनते हैं और दिन में तीन बार कुर्ता बदलते हैं. उनका यह बयान आप पार्टी के गिरते स्तर और मुद्दा विहीन विपक्ष का सबसे बड़ा प्रमाण है.

आप पार्टी अब पूरी तरह से कांग्रेस खेमे से जुड़ गयी है. संजय सिंह जैसे नेता पहले प्रधानमंत्री पर पिछले एक साल से झूठे आरोप लगाते रहे हैं. कभी कहते हैं प्रधानमंत्री ने रोजगार नहीं दिया जब अकेले मुद्रा योजना से लगभग 12 करोड़ लघु ऋण के रिकॉर्ड आकड़े सामने रख दिए तब कहने लगे कि सर्जिकल स्ट्राइक हुआ ही नहीं. जब सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो देश सामने रख दिया तो कहते हैं कि मोदीजी सर्जिकल स्ट्राइक का प्रचार कर रहे हैं. फिर बोले कि राफाल पर भ्रस्टाचार हुआ, अब सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने सारे दस्तावेज दे दिया तो मोदीजी के कुर्ते पर आप गए. वास्तव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साढ़े चार वर्ष के विकासोन्मुखी और पारदर्शी कार्यकाल से आप पार्टी ही नहीं कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल मुद्दाविहीन होकर अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और अनाप सनाप बक रहे हैं. भारतीय राजनीति में आप पार्टी और उसके नेताओं को तीन प्रमुख योगदान हैं – झूठ बोलना, ‘फेक न्यूज़’ बनवाना और उसका प्रचार करके जनता को भ्रमित करना, और जब बचने का कोई उपाय न सूझे तो न्यायालय में माफ़ी मांग लेना.

ये वही आप पार्टी है जिसके नेताओं ने जनता के सामने सादा जीवन उच्च विचार के बड़े बड़े आदर्श रखे थे जैसे बड़ी गाड़ी नहीं लेंगे, बड़े बंगले नहीं लेंगे, जनता के धन का दुरूपयोग नहीं करेंगे आदि. दिल्ली विधान सभा 2013 में तो सभी प्रत्याशियों से इन सब बातों के एफिडेविट भी लिए थे. कहाँ गयी केजरीवाल की को पुरानी नीली वाली वेगनार? कहाँ गया वो मफलर और स्वेटर? अब तो साहब जी बड़ी गाड़ी में घूमते हैं, ब्रांडेड कपडे पहनते है. इलाज करवाने बैंगलोर जाते हैं. पत्नी और बच्चे विदेश घूमने जाते हैं. खुद साहब जी और उनके मंत्री और विधायक भी विदेश घूमते हैं. क्या ठाट है? संजय सिंह को खुद पता होगा कि राज्य सभा की तीन सीटों में एक झटकने के लिए उनको कितना जोर लगाना पड़ा क्योंकि दो सीटें तो ‘धनपशु’ खा गए. दिल्ली डायलॉग कमीशन के उप सभापति पद पर आशीष खेतान की नियुक्ति एक रूपए के टोकन सैलरी पर हुई थी लेकिन एक सप्ताह एक अन्दर ही कानून बदलकर उनको मंत्री के बराबर वेतन, भत्ते, गाडी, बंगला, नौकर- चाकर सब दे दिए.

संजय सिंह पड़े-लिखे सांसद लगते हैं तो थोडा पढ़ लें. मोदी जी की सूट वाली ‘फेक न्यूज़’ सबसे पहले 27 जनवरी 2017 को टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी थी. बाद में अख़बार ने इसमें एक भूल सुधार (Clarification) छापकर माफ़ी मांग ली जिसमे साफ़ लिखा है कि पहली खबर में जिस राकेश अग्रवाल को डिज़ाइनर बताया गया था वह गलत था और सूट की कीमत अनुमान थी. सुधार के साथ सूट की कीमत भी 80,000 रुपये के आस पास बताई गयी है . दिल्ली में आप पार्टी की सरकार के कर्म इतने ख़राब हैं कि उसके नेता अब अपनी सरकार के काम का कोई जिक्र ही नहीं करते बस मोदीजी क्या पहनते हैं और कब पहनते हैं यही एकमात्र इनका मुद्दा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *
You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>